पिताजी ने पूछा, कमरा इतना बिखरा क्यों है? बेटा बोला, चीजें अपनी जगह ढूंढ रही हैं।
मां ने बाजार की सूची दी। बेटा लौटा तो सूची भी साथ थी, क्योंकि वह सामान लेना भूल गया था।
दादी ने पूछा, फोन में समय क्यों देखते हो? पोता बोला, घड़ी में संदेश नहीं आते।
पौधे को पानी देते हुए आरव बोला, आज तुम्हारी बारी है बढ़ने की। पौधा चुप रहा, पर अगले दिन नई पत्ती आ गई।