दोस्ती की राह में छोटा-सा साथ काफी है,
मुश्किल घड़ी में एक संदेश भी खास काफी है।
सुबह नई हो तो नई उम्मीद जगाना,
छोटे कदमों से अपना रास्ता बनाना।
बारिश के बाद पत्तों पर मोती-सी चमक आई,
धीरज रखने वालों के आंगन भी धूप आई।
सीखते रहो, सवालों से राह खुलती है,
कोशिश से मंजिल धीरे-धीरे मिलती है।